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Shekhawati Ka Navin Itihas

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Dr Ratan Lal Mishra

Shekhawati Ka Navin Itihas is book by historian Ratan Lal Mishra on the History of Shekhawati region of Rajasthan.

Ratan Lal Mishra - Shekhawati Ka Navin Itihas, Kutir Prakashan, Mandawa, Jhunjhunu, Rajasthan, 1998

रतन लाल मिश्र - शेखावाटी का नवीन इतिहास, कुटीर प्रकाशन, मंडावा, झुंझुनू, राजस्थान, 1998

विषय सूची

1. सीमा विस्तार-1, 2. क्षेत्रफल-2, 3. पहाड़ी श्रेणियां-2, 4. नद-नदियां-4, 5. वन विभाग-5, 6. पुष्प संभार-5, 7. फसल-वनस्पति-7, 8. वर्षा-7, 9. खनिज-8, 10. पशु पक्षी-9,11. जनसंख्या-9, 12. शेखावाटी नामकरण-10, 13. शेखावाटी की स्थिति-10, 14. कृषि प्रधान मुल्क-11, 15.प्राकृतिक परिवेश-11
1. प्रारंभिक काल-15, 2.पाषाण काल-16, 3. सिंधु सभ्यता काल - सीमा विस्तार-18, 4. मत्स्यदेश - स्थिति एवं सीमा-21, 5. लघु राज्य-23, 6. मौर्य काल-24, 7. गणराज्य-25, 8. प्रतिहार वंश-26,
1. चौहान वंश-28, 2. चौहान-तोमर संघर्ष-30, 3. शेखावाटी में चौहान वंश-35, 4. चौहानों के अन्य लघु राज्य-41, 5. शेखावाटी में जाट गणराज्य-43.
1. गुहिलोत-46, 2. राठौड़-47, 3. अन्य राज्य - डूंगरपुर, प्रतापगढ़, जैसलमेर, हाडौती, अर्बुद, ढूंढाड़-47, 4. मेवाती-48, 5. देहली सल्तनत-49, 6. मालवा गुजरात-50, 7. देश के अन्य भागों पर राज्य-50, 8. राजस्थान के विभिन्न भूभागों पर राज्य-50
1. पठान शासन-54, 2. पठानों या अफ़गानों का आदि प्रदेश (रोह)-54, 3. नरहड़ में पठान शासन-59
1. ददरेवा के कायमखानी-70, 2. कायमखां के पुत्र-84, 3. ताजखां के पुत्र फतेहखां ने फतेहपुर नगर बसाया-89, 4. ताजखां के पुत्र महमूदखां ने झूंझा जाट की याद में झुंझुनूं नगर बसाया-90, 5. ताजखां के पुत्र फ़तेहखां ने फतेहपुर में किला बनाया-91
1. फतेहपुर का जलालखां (1474-1489)-105, 2.फतेहपुर का दौलतखां (1489-1513)-107, 3. फतेहपुर का नाहरखां (1513-1545)-110, 4. फतेहपुर का फदनखां (1545-1552)-111, 5. फतेहपुर का ताजखां (1552-1570)-113, 6. फतेहपुर का अलफखां (1570-1626)-113, 7. झुंझुनू का समसखां (1599)-115, 8. झुंझुनू एवं फतेहपुर के अतिरिक्त कायमखानियों के राज्य-116
1. राजपूत वंश-121, 2. आमेर के कछवाहा-123, 3. कच्छावा अयोध्या से रोहतासगढ़ आए-126
1. कछवाहों का प्राचीन इतिहास-128, 2. कछवाहों की वंशावली-129, 3 राव शेखा (1433–1488) से शेखावत वंश का प्रारंभ-130, 4. राव शेखा द्वारा राज्य विस्तार-132, 5. रायमल (1488-1537)-134, 6. रायसल (1539-1615)-137
1 मुगलों का वर्चस्व स्वीकारा-145, 2. शेखावत शासन (खंडेला)-146, 3. शेखावत शासन (सीकर)-149, 4. उदयपुर का भोजराज (1567)-151, 5. उदयपुर का जुझारसिंह-152
1. दौलतखां II (1626-1653)-155, 2.सरदारखां (1653-1680)-156, 3. दीनदारखां (1680-1703)-157, 4. फतेहपुर के कायमखानी नवाबों का वंशक्रम-158, 5. सरदारखां II (1703-1731)-158, 6. वंशावलियों से नाम हटाना-158, 7. समसखां-सुल्तानखां-वाहिदखां-सादतखां (झुंझुनू)-159, 8. रोहिल्लाखां (1730) (झुंझुनू)-160, 9. पठान शासन-160
1. शार्दूलसिंह शेखावत (1681-1742) (झुंझुनू)-166, 2. शिवसिंह शेखावत (1721-1748) (सीकर)-175, 3. राव देवीसिंह (1753-1795 ई.) (सीकर)-176
1. लक्ष्मण सिंह (1787-1833)-185, 2. प्रताप सिंह, भैरूसिंह, माधव सिंह-191, 3. रावराजा कल्याण सिंह का निर्वासन-194, 4. रावराजा कल्याणसिंह के निर्वासन से वापसी और जाट बोर्डिंग सीकर-195
परिशिष्ट : जार्ज थामस....211-212
1. जाट पंचायतें-213, 2. जागीरदारों की स्थिति और किसानों पर अत्याचार-214, 3. प्रजामंडल की स्थापना-217, 4. रावराजा सीकर कल्याण सिंह को देश निकाला-218, 5. जाट आंदोलन-220, 6. जाट जाति की उत्पत्ति-220, 7. जाट आंदोलन (जारी)-222
1. शासन-संस्था का जन्म-229, 2. राजा के कर्तव्य एवं कार्य-232, 3. प्रशासन तंत्र-233, 4. चोरी रोकने के लिए मीणों पर भार-235, 5. न्याय व्यवस्था-236, 6. विल्स रिपोर्ट-239, 7. आवागमन-239.
1. सृष्टि का प्रारंभिक काल-241, 2. वैदिक कालीन समाज-241, 3. उत्तर वैदिक काल-242, 4. बाहरी जातियां-242, 5. वेशभूषा-243, 6. श्रृंगार प्रसाधन-244, 7. जनरुचि-245, 8. हेडा, बाड़ा और भूर-246, 9. जादू टोना अंधविश्वास-246, 10. जन-आवास-247, 11. स्त्रियों की दशा-247, 12. अकाल और प्लेग-248, 13. दास प्रथा-248, 14. त्यौहार और मेले-249, 15. सती प्रथा-249, 16. कन्या और कुटुंब-250, 17. मनोरंजन और क्रीड़ाएं-250, 18. खानपान-251, 19. बदला हुआ क्रम-251, 20. आर्थिक दशा-252, 21. कराधान प्रणाली-253, 22. तोल और सिक्के-255, 23. सिक्के-255
1. धर्म, संप्रदाय और संस्कृति-259, 2. मौर्यकालीन धर्म-260, 3. जैन धर्म-261, 4. बौद्ध धर्म-261, 5. आजीवक-262, 6. वैष्णव धर्म-263, 7. शैव मत-263, 8. शेखावाटी की धार्मिक स्थिति-264, 9. विभिन्न संप्रदाय-268,
1. प्राचीन काल-272, 2. मुस्लिम काल-273, 3. हर्ष मंदिर - स्थापत्य कला-273, 4. बाघेश्वर जीण और शाकंभरी-276, 5. नई मंदिर शैली - मुख्य तत्व-278, 6. कायमखानी - निर्माण-279, 7. स्मारक एवं हवेलियां-280, 8. स्मारक एवं दुर्ग-280, 9. मूर्ति कला-281, 10. हर्ष मंदिर - मूर्ति कला-282, 11. भित्ति चित्र-286, 12. शेखावाटी के भित्ति चित्रों का विषय-287, 13. शेखावाटी के भित्ति चित्रों में नारी चित्रण-289
1. राजस्थानी भाषा-292, 2. शेखावाटी बोली-292, 3. साहित्य-293
1.हर्ष शिलालेख-300, 2. विग्रहराज IV का नरहड़ शिलालेख वि.सं.1215 (1159 ई.)-302, 3. मंडेला ताम्रपत्र-302
1 प्रथम शिलालेख-311, 2 दूसरा शिलालेख-312, 3 तीसरा शिलालेख-312, 4 वत्सराज कौन था-313
सकराय प्रथम शिलालेख-316, सकराय दूसरा शिलालेख-317, सकराय तीसरा शिलालेख-318

विकी एडिटर नोट

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लेखक का परिचय

लेखक का परिचय यहाँ पढ़ें: डॉ. रतन लाल मिश्र

रतनलाल मिश्र द्वारा वर्णित जाट गाँव/जाट इतिहास

डॉ. रतन लाल मिश्र द्वारा शेखावाटी क्षेत्र के जाट गाँव/जाट इतिहास का वर्णन यहाँ पढ़ें - रतनलाल मिश्र द्वारा वर्णित जाट गाँव/जाट इतिहास

बाहरी कड़ियाँ