Jura Satna
| Author:Laxman Burdak, IFS (R) |

Jura (जूरा) is a village in Maihar tahsil in Satna district in Madhya Pradesh.
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Location
Origin
History
विनायकपाल प्रथम
विनायकपाल प्रथम (931-943): विनायकपाल के शासनकाल में राष्ट्रकूटों का पुनः आक्रमण हुआ, किंतु शीघ्र ही चेदि देश के युवराज देव प्रथम ने राष्ट्रकूटों को मार भगाया. मैहर - अमरपाटन मार्ग पर स्थित जूरा नामक स्थान में राष्ट्रकूट शासक कृष्ण III का एक अभिलेख है - जो प्रतिहार साम्राज्य के कुछ दक्षिणी पश्चिमी क्षेत्र पर उसके अधिकार का द्योतक है. विनायक पाल की मुद्राओं में दुम्भ नामक सिक्के मिलते हैं. ये सिक्के प्रतिहार साम्राज्य की प्रतिष्ठा के सूचक हैं. चन्देरी के पास रखेज के शिलालेख से ज्ञात होता है कि विनायक पाल ने 95-96 करोड़ मुद्रा खर्च करके उर नदी के जल की व्यवस्था की.[1] उसका साम्राज्य वाराणसी से एक और ग्वालियर और दूसरी और उज्जैन तक विस्तृत था. [2]
विजयपाल द्वितीय
डॉ. अनुपम सिंह[3] ने लिखा है....विजयपाल द्वितीय (959-984) - [पृ.66]: विक्रम संवत 2016 (959 ई.) के राजोर अभिलेख से ज्ञात होता है की विजयपाल गुर्जर प्रतिहारान्वय सावट का पुत्र था. वह महाराजाधिराज और परमेश्वर के विरुदों को धारण करता था. राजोर से शासन करने वाला यह प्रतिहार वंशी शासक अपने बड़े विरुदों के बावजूद कन्नौज के प्रतिहारों की अधिसत्ता स्वीकार करता था. राष्ट्रकूट कृष्ण तृतीय ने विजयपाल द्वितीय के प्रारंभिक काल में ही प्रतिहार साम्राज्य पर आक्रमण कर दिया. इस आक्रमण के परिणाम स्वरुप सामंतो पर प्रतिहार सम्राट का प्रभाव ढीला हो गया. प्रतीत होता है कि
[पृ.67]: कृष्ण तृतीय ने एक दूसरा आक्रमण भी किया जिसकी पुष्टि जूरा प्रशस्ति से होती है.[4] विजयपाल प्रतिहार के शासनकाल में भारत के उत्तर पश्चिमी सीमा पर एक नये शक्ति केंद्र की स्थापना हुई जहां से गजनी के पहले शासक सुबुक्तगीन (r.977–997) तुर्क ने भारत के विरुद्ध सैनिक अभियान आरंभ किया.
Population
Notable Persons
External Links
References
- ↑ प्राचीन भारत का इतिहास - डॉ विमल चन्द्र पाण्डेय, p.119
- ↑ लेखिका: डॉ. अनुपम सिंह - विंध्य क्षेत्र के प्रतिहार वंश का इतिहास (9वीं शताब्दी से वर्तमान तक), गुढुवा, जिला सतना (मध्य प्रदेश), प्रकाशक: अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा, प्रथम संस्करण: 2006, पृ.66
- ↑ लेखिका: डॉ. अनुपम सिंह - विंध्य क्षेत्र के प्रतिहार वंश का इतिहास (9वीं शताब्दी से वर्तमान तक), गुढुवा, जिला सतना (मध्य प्रदेश), प्रकाशक: अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा, प्रथम संस्करण: 2006, पृ.66-67
- ↑ मैहर अमरपाटन मार्ग पर एक शिलापट्ट गड़ा है जिसके नाम से जूरा ग्राम पडा.