Babai Jhunjhunu

Babai (बबाई), is a village in Khetri tehsil of Jhunjhunu district in Rajasthan.
Location
History
इतिहास
रतन लाल मिश्र[1] ने लिखा है....[पृ.167]: सन 1727 (1784 विक्रम) में नवाब मुजफ्फरखां अजमेर का सूबेदार नियुक्त हुआ. यह सवाई जयसिंह का खास समर्थक था. अगले वर्ष जयसिंह ने सारा अजमेर सूबा (हवेली को छोड़कर) इजारे पर ले लिया. यह इजारा पौने दो लाख रुपए में था जिसकी अवधि शुरू में एक वर्ष की थी. इसके साथ ही एक लाख की राशि में सवाई जयसिंह ने गांवड़ी, बवाई, झुंझुनू, उदयपुर और नरहड़ के पांच महाल भी इजारे पर प्राप्त कर लिए. इन्हें इजारे पर लेने की कार्यवाही पोष सुदी 7 संवत 1787 (दिसंबर-जनवरी 1730-31) को संपन्न हुई थी. [2]
उपर्युक्त महालों को इसी साल इजारेदारों में बांट दिया गया. यह उप-इजारेदार थे हरिसिंह छाबड़ा, मोहनसिंह नाथावत व शार्दूलसिंह शेखावत. जयपुर कागजातों से सिद्ध है कि मंगसिर बदी 12 संवत 1787 को मोहन सिंह नाथावत ने अपने इजारे की जमानत दी थी. इसी के आसपास 10 दिन बाद जमानत देखकर शार्दूलसिंह ने भी झुंझुनू एवं कुछ अन्य गांव इजारे पर ले लिए. इसी इजारे पर लेने की बात को शार्दुलसिंह द्वारा झुंझुनू की विजय बताया गया है.[3] नरहड़ पर भी इसी प्रकार विजय बताई गई है. तथ्य का यह विकृत प्रकाशन है.
इजारे के गांवों में परिवर्तन होता रहता था. विजय होती तो यह परिवर्तन संभव नहीं था. सन 1731-32 में शार्दुल सिंह से नरहड़ का क्षेत्र वापस ले लिया गया और गांवड़ी, बवाई और उदयपुर के साथ हरिसिंह को दे दिया गया. [4]
[पृ.168]: शार्दूलसिंह को इसके बदले पौने 28 गांवों का इजारा उदयपुर, गांवड़ी और बवाई महालों से दिया गया. इन गांवों तथा झुंझुनू के लिए ₹520001 की राशि निर्धारित की गई. [5]
Population
Jat gotras
Notable person
External Links
References
- ↑ रतन लाल मिश्र:शेखावाटी का नवीन इतिहास, मंडावा, 1998, पृ.152, 167-168
- ↑ जयपुर स्टेट पेपर्स जगराम का राज्य के दिल्ली स्थित वकील को पत्र पौष सुदी 7 संवत 1787 - जयपुर स्टेट पेपर्स. विल्स रिपोर्ट.
- ↑ सत्रह सौ सत्यासी, अगहन मास उदार, सादै लीन्हो झूंझणूं, सुदी आठे शनिवार
- ↑ जयपुर राज्य के कागजात संख्या 47
- ↑ जयपुर राज्य के कागजात संख्या 47
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