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Singhana

From Jatland Wiki
(Redirected from Sinhana)
Author:Laxman Burdak, IFS (R)

Khetri - Singhana - Kithana - Ghardana -Sanwlod - Pacheri Kalan - Dhosi in Jhunjhunu, Rajasthan
Khetri - Singhana - Gothra -Kharkhara - Jasrapur in Jhunjhunu

Singhana (सिंघाना) village, near Sanwlod, falls in Buhana tahsil in Jhunjhunu district of Rajasthan.

Location

Singhana is situated in Jhunjhunu, Rajasthan, India. Its geographical coordinates are 28° 5'N, 75° 50'E. It is located 60 km east of Jhunjhunu, 13 km from Buhana, 165 km from Jaipur the state capital and 180 km from the national capital, Delhi. Mankota Kalan (4 km), Muradpur (7 km), Moi Sadda (6 Km), Thali (6 Km), and Khanpur (7 Km) was nearest villages.

Origin

The Founders

History

Jat Gotras

Jat Monuments

शेखावाटी की पहाड़ी श्रेणियां

रतन लाल मिश्र[1] ने लिखा है: [पृ.2]:शेखावाटी गौरी बालुका राशि के उन्नति टीलों से भरा-पूरा भूभाग है जहां केवल दक्षिणी भाग सघन वनावली से छाई गिरिपंक्तियों से आवृत्त है. यह पंक्ति


[पृ.3]: सिंघाना से सांभर तक फैली हुई है तथा इसे राज्य के और भागों से अलग कर देती. [2] कुछ दूर उत्तर की तरफ लोहार्गल के पहाड़ हैं जिनके सबसे ऊंचे शिखर को मालकेतु कहते हैं.[3] यह पहाड़ी श्रृंखला सिंघाना से खंडेला, उदयपुर, शाकंभरी, लोहार्गल, रघुनाथगढ़, सांगरवा, रेवासा, हर्ष आदि स्थानों से निकलती हुई सांभर झील तक चली जाती है. इस पहाड़ी श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटी रघुनाथगढ़ की चोटी है जो 3450 फीट ऊंची है. हर्ष पर्वत शिखर 2998 फीट तथा लोहार्गल की बरखंडी की चोटी लगभग 3000 फीट ऊंची है. [4]

ये पहाड़ी पंक्तियां उदयपुरवाटी में बहुत घनी हो जाती हैं. लोहार्गल के चारों ओर विकट गिरिश्रृंखलाएं हैं जो शाकंभरी देवी मंदिर के आगे तक अपनी अनवरत ऊंचाई लिए चली जाती हैं. यहां पहाड़ों की कई श्रृंखलाएं हैं जिन पर सघन वृक्षावली छाई हुई है. वर्षा ऋतु में जब नीले बादलों से सारा आकाश ढक जाता है तो इन पहाड़ों पर छाई हरीतिमा पूर्ण वृक्षावली एक मनोहारी दृश्य उपस्थित कर देती है. इन पहाड़ी श्रृंखलाओं में अनेकों देव मंदिर हैं अतः धार्मिक मान्यता के कारण लोग वृक्षों को काटते सकुचाते हैं.

इन्हीं गिरि पंक्तियों का एक सिलसिला सीकर से दक्षिण की और कुछ दूरी से प्रारंभ होता है. इस सिलसिले में हर्ष की उन्नत पहाड़ी श्रृंखला है जिस पर कलानिधि हर्ष का प्रसिद्ध मंदिर अवस्थित है. बाजोर से कुछ ऊपर उठकर यह श्रृंखला निरंतर आगे बढ़ती जीण के मंदिर से आगे तक निकल जाती है. यहां स्थान-स्थान पर गौर बालू के टीले इन पहाड़ों से अड़े हुए हैं. कहीं-कहीं तो यह स्पर्धा संघर्ष आतीव दर्शनीय हो गया है. रेवासा का नगर एवं दुर्ग इसी श्रेणी पर है.

Population

Notable Persons

External Links

References

  1. ↑ Shekhawati Ka Navin Itihas/1.Prakritik Parivesh Evam Sima Vistar, p.2-3
  2. ↑ जयपुर राज्य का भूगोल - अनंत लाल मुखर्जी पृ.45
  3. ↑ वही पृ.47; शास्त्री पृ.5
  4. ↑ शेखावाटी का भूगोल-नारायण सिंह, पृ.9
  5. ↑ Jat Samaj, Agra, June 2008, p.33

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