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Nagwa

From Jatland Wiki
Location of Nagwa in Sikar district

Nagwa (नगवा/ नागवा) is a medium-size village in Dhod tahsil of Sikar district in Rajasthan.

Before creation of Dhod tahsil, this village used to fall within Sikar tahsil.

Founders

Nagas

Location

It is situated about 15 km south-west of Sikar town. Nearby village is Moondwara.

Jat Gotras in Nagwa

History

Population

As per Census-2011 statistics, Nagwa village has the total population of 2541 (of which 1333 are males while 1208 are females).[1]

Notable person

  • Ram Swaroop Gora - Jr.Accoutant, P.S. Piprali
  • Kailash Chand Bhamu - Mob:9783664861
  • शहीद राजेन्द्र बगड़िया की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं और श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। 10 दिन में नागवा गांव का दूसरा लाल शहीद, अब शब्द भी साथ छोड़ने लगे हैं... सीकर के नागवा गांव से आज फिर एक हृदयविदारक समाचार आया है. राजेन्द्र बगड़िया, SSB 7वीं बटालियन, जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले (गंदोह) में तैनात थे और कर्तव्य निर्वहन के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए।
  • Narendra Kumar Bhamu - इससे पहले 24 जुलाई को इसी गांव के नरेंद्र कुमार भामू, 4 जाट रेजिमेंट, भी देश सेवा करते हुए शहीद हुए थे। 10 दिन के भीतर एक ही गांव के दो बेटे तिरंगे में लिपटकर लौटे हैं। यह सिर्फ एक गांव की पीड़ा नहीं है यह राष्ट्र की चेतना को झकझोरने वाली पुकार है। अब सिर्फ श्रद्धांजलि देना काफी नहीं... अब देश को जागना होगा। हर शहादत के पीछे एक नहीं, कई जिंदगियां बिखरती हैं एक माँ ताउम्र अपने बेटे की तस्वीर से बातें करती है, एक पिता टूटे कंधों से तिरंगा थामता है, एक बहन हर राखी खाली कलाई लिए बैठी रह जाती है, और गांव... गांव कभी पहले जैसा नहीं रहता। हम शहीद राजेन्द्र बगड़िया और शहीद नरेंद्र भामू को कोटि-कोटि नमन करते हैं। ईश्वर उनके परिवार को ये असीम दुःख सहने की शक्ति दे। सरकार, समाज, मीडिया और विचारशील लोगों से एक गंभीर जब किसी गांव की आबादी 2500 हो और 10 दिन में दो बेटे शहीद हो जाएं, तो यह सिर्फ ‘दुर्घटना’ नहीं, एक सामूहिक राष्ट्रीय चेतना का प्रश्न है हर महीने शेखावाटी की माटी पर एक चिता जलती है हर चिता से धधकती है वो आग जो देश की नींव को हिलाने के लिए काफी है, यदि हम अब भी चुप रहे तो अगली बारी किसी और गांव, किसी और माँ की होगी। ब ये सिर्फ मातम नहीं, एक राष्ट्रपुकार है। जिसे सुना जाना चाहिए... समझा जाना चाहिए... और बदला जाना चाहिए। शहीद सिर्फ आँकड़ा नहीं होते... वो ज़मीर होते हैं, जो हर ज़िंदा इंसान को आवाज़ देते हैं।" [2]

gallery

External links

References


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