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Loonasar

From Jatland Wiki

Loonasar (लूणासर ) is a medium-size village in Sardarshahar Tehsil of Churu district in Rajasthan.

Jat Gotras

History

Population

According to Census-2011 information: With total 345 families residing, Loonasar village has the population of 2204 (of which 1156 are males while 1048 are females).[1]

Jat Monuments

Temples

Notable persons

  • Naurang Lal Beniwal - Lunasar, PO Bhijasar Chhota, Sardarshahar First in 65 kg weight lifting, Student in Seth Sampat Ram Dugar Uchch Madhyamik Vidyalay, Sardarshahar.
  • RatanLal Beniwal - Lunasar PO Bhijasar Chhota, Sardarshahar First in 60 kg weight lifting, Student in Seth Sampat Ram Dugar Uchch Madhyamik Vidyalay, Sardarshahar.
  • Shri Gyanaram Pander and Khumaram Pander - From Loonasar, Churu were notable person who fought with the Jagirdar of their region. After Independence, they proved that dhartiputra jats are hard-working and most deserving.
  • Bhanwar Lal Saran - He became Martyr on duty at Gulmarg in Jammu and Kashmir on Sunday 08.06.2025. Sarpanch Bhanwar Lal Pander informed that he joined Army (Rajputana Rifles) in 2015. (Bhaskar, 10.6.2025). सरदारशहर के जवान अमर शहीद श्री भंवरलाल जी सारण (37) पुत्र उमाराम जी सारण लूणासर रविवार देर रात जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग 9 राजरीफ में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए ! मां भारती के वीर सपूत ने अपना अदम्य साहस दिखाते हुए दुश्मनों से करीब रात्रि 3 घंटे तक लड़ते रहे और रोक के रखा और अंत में अपना युद्धकौशल वीरता का परिचय देते हुए मां भारती की रक्षा के लिए शहीद हो गए। भंवरलाल सारण सरदारशहर कस्बे के गांव लूणासर के रहने वाले थे। उनके निधन की सूचना जैसे ही गांव में पता चली तब से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और मातम छा गया। 2015 में हुए थे सेना में भर्ती: गांव के सरपंच भंवरलाल पांडर ने बताया-भंवरलाल सारण 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वे बेहद मिलनसार हंसमुख और अनुशासित व्यक्ति थे। वर्तमान में वे गुलमर्ग में तैनात थे। रविवार रात ड्यूटी के दौरान वे शहीद हो गए। पार्थिव शरीर शाम 06.00 बजे तक श्रीनगर में रखा गया था। मंगलवार को सुबह 10.30 बजे फ्लाइट द्वारा दिल्ली लाया जाएगा। दिल्ली से दोपहर करीब 02.00 बजे रवाना होगा जो सरदारशहर रात्रि 10.00 बजे पहुंचेगा। जो कि राजगढ़.तारानगर .भालेरी । और राजस्थान बॉडर पर शहीद को श्रद्धाजली अर्पित की जाएगी. बुधवार को सुबह 08.00 बजे तिरंगा स्टेडियम सरदारशहर से पार्थिक गांव लूनासर जाएगा तिरंगा यात्रा रैली तिरंगा स्टेडियम सरदारशहर से रवाना होगी जो कि शहीद की पार्थिक देह के साथ पार्थिक गांव लूनासर जाएगी इसके बाद शहीद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। शहीद भंवरलाल करीब तीन महीने पहले छुटी लेकर अपने गांव आए थे। जाते समय उन्होंने अपनी चार वर्षीय बेटी रितिका से कहा था-पढ़ाई करना, आर्मी में बड़ा अधिकारी बनना है। भंवरलाल की शादी 1 मई 2014 को मालसर गांव के बीरबलराम भादू की बेटी तारामणी के साथ धूमधाम से हुई थी। उनके परिवार में एक छोटी बेटी रितिका सारण है। भंवरलाल दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई मुकेश सारण सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।[2]

Gallery

External Links

References


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