Jagdish Prasad SM

Jagdish Prasad SM (Havaldar) (05-07-1957 to 20-01-1995) became martyr of militancy on 20.01.1995 in Jammu and Kashmir. He was from Fauladpur village in Neemrana tahsil in Alwar district of Rajasthan.
Unit - 2 Grenadiers Regiment
हवलदार जगदीश प्रसाद
हवलदार जगदीश प्रसाद
2668934
05-07-1957 - 20-01-1995
सेना मेडल (मरणोपरांत)
वीरांगना - श्रीमती सितारी देवी
यूनिट - 2 ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट
आतंकवाद विरोधी अभियान
हवलदार जगदीश प्रसाद का जन्म 5 जुलाई 1957 को श्री सूरजभान जाट एवं श्रीमती फूलकौर के परिवार में हुआ था। वह राजस्थान के अलवर जिले की नीमराना तहसील के फौलादपुर गांव के निवासी थे। दसवीं तक शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात वह भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में भर्ती हुए थे।
प्रशिक्षण के पश्चात 30 अप्रैल 1977 को उन्हें 2 ग्रेनेडियर्स बटालियन में ग्रेनेडियर के पद पर नियुक्त किया गया था। अपनी बटालियन में विभिन्न परिचालन परिस्थितियों और स्थानों पर सेवाएं प्रदान करते हुए वह हवलदार के पद पर पदोन्नत हो गए थे। वर्ष 1995 में वह जम्मू-कश्मीर में तैनात थे।
20 जनवरी 1995 को गोपनीय सूत्रों से बटालियन को श्रीनगर के लखनपुर क्षेत्र में कुछ आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना प्राप्त हुई, तो प्रातः 11:00 बजे 'अल्फा' कंपनी द्वारा वहाँ घेरा व अन्वेषण अभियान चलाया जा रहा था। हवलदार जगदीश चंद्र भी इस अन्वेषण दल के सदस्य थे।
कंपनी के सैनिक जब अन्वेषण करते हुए अलाहादीद मस्जिद के निकट पहुंचे, तो निकट के एक घर में छिपे आतंकवादियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग आरंभ कर दी। अन्वेषण दल का नेतृत्व कर रहे सूबेदार हरनंद राय ने पांव के प्रहार से उस घर का द्वार तोड़ दिया।
इस मुठभेड़ में अदम्य साहस, अडिग निश्चय एवं वीरता से संघर्ष करते हुए, गोलियां लगने से हवलदार जगदीश प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। तीन आतंकवादी भी मारे गए। निकट के एक अन्य भवन से फायरिंग कर रहे आतंकवादियों को, भवन में आग लगा कर कंपनी के सैनिकों ने जीवित जला दिया। सूबेदार जगदीश प्रसाद को तत्काल 92 बेस हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ सांय के 4:30 बज वह वीरगति को प्राप्त हो गए।
हवलदार जगदीश प्रसाद को उनके अदम्य साहस, वीरता व सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया।
इस मुठभेड़ में राजस्थान के झुंझुनूं जिले की मंडावा तहसील के शेखसर गांव के सूबेदार हरनंद राय (सेना मेडल) भी वीरगति को प्राप्त हुए थे।
शहीद को सम्मान
बाहरी कड़ियाँ
गैलरी
स्रोत
संदर्भ
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