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Dilsukh Rai Chaudhary

From Jatland Wiki
Author: Laxman Burdak, IFS (R)

Dilsukh Rai Chaudhary

Dilsukh Rai Chaudhary (Bhakar) (18.11.1948-25.12.2025) was ex MLA from Fatehpur Sikar, Rajasthan. He was from Ghassu village in tehsil Laxmangarh of Sikar district in Rajasthan. His father was Rooparam Bhakar who took part in freedom movement.

Biography

Tribute

This is the end of an era where political leaders like Choudhary Dilsukh Rai used to be a living messenger of 'simple life and high values’. He has been a man of strong character therefore loved and trusted by all. He got respect from all sections of the society. He has lived a simple life, traveled through buses/public transport but followed highest human values. That's what made him people's leader (Rachana Mohini Dhaka).[1]

जीवन परिचय

राजस्थान में सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ किसान नेता दिलसुखराय चौधरी का गुरुवार देर रात लगभग 2 बजे 77 साल की उम्र में निधन हो गया। शुक्रवार दोपहर बाद उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव घस्सू (सीकर-लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र) में किया गया। बीते समय में जनता दल की टिकट से विधायक बनने वाले दिलसुख राय बीते दिनों से लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन के बाद राजस्थान खासकर शेखावाटी अंचल कई क्षेत्रों में शोक की लहर बनी हुई है।

9वीं विधानसभा में फतेहपुर का किया था प्रतिनिधित्व: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिलसुखराय चौधरी वर्ष 1990-92 की 9वीं राजस्थान विधानसभा में जनता दल के विधायक रहे। 1990 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने फतेहपुर शेखावाटी (सामान्य) सीट से जीत दर्ज की थी। उन्हें 35,767 मत मिले, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद हनीफ अहमद को 26,669 मत प्राप्त हुए। इस तरह उन्होंने 9,098 मतों के अंतर से जीत हासिल की।

पंचायत से विधानसभा तक का सफर: 18 नवंबर 1948 को घस्सू गांव में जन्मे दिलसुखराय चौधरी ने रसीदपुरा के राजकीय विद्यालय से हायर सेकेंडरी तक शिक्षा प्राप्त की। राजनीति में उनका सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। वे लगातार 12 वर्षों तक जसरासर पंचायत के सरपंच रहे। स्वयं और उनकी पत्नी विमला देवी पंचायत समिति सदस्य भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे दो बार निर्विरोध सहकारी समिति अध्यक्ष चुने गए।

किसान हितों की बुलंद आवाज: विधायक रहते हुए चौधरी संसदीय परामर्शदात्री समिति और गृह समिति के सदस्य रहे। जनता पार्टी और लोकदल की जिला व प्रदेश कार्यसमिति में सक्रिय भूमिका निभाई। राजस्थान किसान यूनियन के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाया। सड़क, बिजली, पेयजल और ग्रामीण विकास उनके प्रमुख सरोकार रहे।

सरल जीवन, सीधा संवाद: भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं उनके दामाद महावीर खीचड़ का कहना है कि दिलसुखराय चौधरी सरल जीवनशैली और आमजन से सीधे संवाद के लिए जाने जाते थे। जमीनी मुद्दों पर उनकी पकड़ और निरंतर सक्रियता ने उन्हें क्षेत्र में विशेष सम्मान दिलाया। उनकी पुत्रवधु अमिता चौधरी भी पंचायत समिति सदस्य रह चुकी हैं, जबकि उनके पुत्र अरुण चौधरी बीजेपी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

स्रोत : नवभारत टाइम्स, पुलकित सक्सेना, अमित भारद्वाज, 26.12.2025

राजनीतिक जीवन के संस्मरण

Dilsukh Rai Chaudhary with Rachna Dhaka

लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के ग्राम घस्सू के निवासी और फतेहपुर से विधायक रहे परम पूज्य श्री दिलसुख राय चौधरी का निधन एक व्यक्ति का नहीं बल्कि एक संस्था के खत्म होने जैसा है। वे आजीवन रोडवेज से सफर करते रहे, इस छायाचित्र में भी ये प्रमाण है, जब मुझे उनके साथ जयपुर से लक्ष्मणगढ़ की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त हुआ और उनके राजनीतिक व सामाजिक जीवन के अनुभव से काफी कुछ सीखने को मिला।

सफेद झक कलफ लगी धोती कुर्ता की शानदार वेशभूषा में उनका शानदार व्यक्तित्व हर किसी को प्रभावित करता था। जितना सुंदर उनका व्यक्तित्व था उससे भी ज्यादा शानदार रहा उनका जीवन। हर जाति समाज के लोगों का उन्हें विश्वास और आदर प्राप्त था। और वो उसके हकदार भी थे। पिछले चार दशक में उनके एक भी भाषण या कृत्य में जातिवाद, संकीर्णता और घमंड नहीं था। उनके जीवन और आचरण में चौधरी चरणसिंह का अक्स नजर आता था। और वो उनके सच्चे अनुयाई भी थे। शेखावाटी में चरणसिंह जी के सबसे विश्वसनीय लोगों में दिलसुख जी का नाम था।

1990 में लोकदल जनता दल ने संयुक्त रूप से विधानसभा चुनाव लडा था और वो फतेहपुर से विधायक चुने गए थे। आज की राजनीति में जो अवसरवादिता, चापलूसी और कुटिलता चल रही है। उसके उलट वो "साच बोलणो सुखी रहणो" के सिद्धांत पर चलते थे। लक्ष्मणगढ़ में सालासर बाईपास स्थित उनका पेट्रोल पंप ग्रामीण लोगों के ठहराव का मुख्य स्थान था। कई बार लखनऊ या मुंबई से आते वक्त देर रात लक्ष्मणगढ़ पहुंचने पर भी कोई डर का एहसास इसलिए नहीं होता था कि पेट्रोल पंप पर दिलसुख जी होंगे और वहां रुकना उनकी उपस्थिति में सुरक्षा का एहसास देता था जो असल चौधरी की पहचान हैं।

जब आवागमन के साधन कम थे तो लोग वही रुकते भोजन करते ऐसा रोजाना का दृश्य था। और वो खुद भी पिछले 35 वर्षों में घस्सू अपने गांव के घर में परिजनों के साथ रहने की बजाय पेट्रोल पंप पर ही रात और दिन में रूकते थे। और यही कारण था की लोगों के साथ ही रहना खाना और आमजन को आसानी से उपलब्ध नेता थे वो। राजस्थान में बीजेपी कांग्रेस सहीत सभी दलों के नेताओं से उनका जुड़ाव वाकई में गज़ब था।

भैरोसिंह शेखावत मुख्यमंत्री रह चुके थे। और विपक्ष के नेता के रूप में गंगानगर क्षेत्र में कोई कार्यक्रम के लिए जा रहे थे। उनके पास रात में रूकने के अनेकों विकल्प होने के बावजूद रात की दो बजे अचानक दिलसुख जी के पास लक्ष्मणगढ़ में पेट्रोल पंप पर जाकर रूके और फिडबेक लिया। इससे साबित होता है कि उनका कितना सम्मान था। 2008 में भैरौ सिंह शेखावत ने लक्ष्मणगढ़ विधानसभा चुनाव का विषय जब चल रहा था। दिल्ली में किसी से पूछा कि लक्ष्मणगढ़ में दिलसुख जी का क्या रूख है? यानी बीजेपी के बड़े नेता भी जब लक्ष्मणगढ़ की बात आती तो दिलसुख जी के जनाधार और नज़रिए को तोलकर निर्णय करते थे।

यह राजनीति का भी दुर्भाग्य है। और हम सभी का भी अच्छे और साफ सुथरे नेता संसार को अलविदा कह रहे हैं। और नये लोगों में वो चीज नहीं मिल रही जो लोकतंत्र और जनता के लिए मुफ़ीद हो। दिलसुख जी के साथ यह जयपुर से लक्ष्मणगढ़ तक का सफर मुझे आज भी याद है, जब उन्होंने घर के बुजुर्ग के जैसे सुख दुःख की सारी बातें पूछी, फिर अपने जीवन के अनुभव से मार्गदर्शन किया और फिर राजनीतिक जीवन के कई संस्मरण साझा किए, जो मेरे लिए अनमोल खजाने की तरह हैं।

Source - Rachana Mohini Dhaka's Post, 26.12.2025

स्वर्गवास

वरिष्ठ किसान नेता और फतेहपुर के पूर्व विधायक दिलसुखराय चौधरी (77) का 25.12.2025 गुरुवार देर रात निधन हो गया। 1990 में जनता दल से विधायक रहे चौधरी ने सरपंच से विधानसभा तक का सफर तय किया। वे राजस्थान किसान यूनियन के अध्यक्ष भी रहे और सदैव ग्रामीण विकास के लिए समर्पित रहे।[2]

विनम्र श्रद्धांजलि

चौधरी दिलसुख जी

चौधरी साहब का स्वर्गवास - विनम्र श्रद्धांजलि 🙏 - सादर नमन

शेखावाटी अंचल में किसान नेता " चौधरी जी " के नाम से प्रसिद्ध , गाँव - खेत - खलिहान के जीवंत नृतक , सार्वजनिक जीवन मे शास्त्री व गाँधी विचारों के पथानुगामी , सादगी -सुचिता एवं सह्रदयता के पर्याय , जनपद के लोकप्रिय जननायक व पूर्व विधायक चौधरी दिलसुख जी का निधन हम सभी के लिए बड़ी क्षति है ! चौधरी जी के चिंतन व चरित्र को भावपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि !सादर नमन !! ओम शांति !!! 🙏 (मांगी लाल शर्मा)(Mangilal Sharma's Post, 26.12.2025

संवेदनाएं

चौधरी चरण सिंह के साथ श्री दिलसुख राय चौधरी

राजस्थान, सीकर जिले के पूर्व विधायक, राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, श्री दिलसुख राय चौधरी जी के निधन के समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोकाकुल परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं | (जयंत चौधरी) (Jayant Singh's Post, 26.12.2025)

चौधरी साहब को कोटि कोटि नमन

किसानों की आवाज, अखिल भारतीय जाट महासभा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, फतेहपुर विधानसभा के पूर्व विधायक और हमारे परिवार अखिल भारतीय भाकर परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष, (लक्ष्मणगढ, सीकर निवासी) आदरणीय चौधरी दिलसुखराय जी भाकर साहब का 86 वर्ष की उम्र में कल स्वर्गवास हो गया... हरि इच्छा प्रबल है... इस दुखद समाचार से मैं अन्तरात्मा से दु:खी हूँ... आपका अपनत्व, स्नेह सदैव याद रहेंगा...।

माह में 1-2 बार आपका काॅल आना और हालचाल पूछना, वाकई आपका बङपन रहा है। आपका बाङमेर से जुङाव रहा है... 1999 में बायतू में आयोजित हुई बङी महापंचायत में बतौर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहते पधारें थे...। आपका बाङमेर में धारासर गाँव में 1-2 बार आना हुआ... आपको मारवाङ की राबङी, कढी, देशी बाजरी की रोटी बहुत पसंद रही है...।

ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें और इस दुखद घङी में हमारे संतप्त परिवार को वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें। (Bheraram Bhakhar) (Bheraram Bhakhar's Post,27.12.2025)

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References