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Devapala Pratihara

From Jatland Wiki
Author:Laxman Burdak, IFS (R)

Devapala Pratihara (948–954) was the Gurjara-Pratihara emperor from 848 to 954 CE.

Variants

History

देवपाल

डॉ. अनुपम सिंह[1] ने लिखा है.... देवपाल (948-959) - [पृ.66]: महेन्द्रपाल द्वितीय का शासन काल अत्यंत अल्प रहा. उनकी मृत्यु के प्रसाद इनका पुत्र देवपाल गदी पर बैठा. किंतु इनका शासन काल भी जर्जर रहा. विभिन्न अभिलेख से ज्ञात होता है कि देवपाल के समय में ही चंदेल शासक यशोवर्म ने कालिंजर का दुर्ग प्रतिहारों से बड़ी आसानी से जीत लिया. यहां तक कहा गया है कि वह गुर्जरों के लिए एक जलती हुई अग्नि के समान था. [2]

References

  1. लेखिका: डॉ. अनुपम सिंह - विंध्य क्षेत्र के प्रतिहार वंश का इतिहास (9वीं शताब्दी से वर्तमान तक), गुढुवा, जिला सतना (मध्य प्रदेश), प्रकाशक: अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा, प्रथम संस्करण: 2006, पृ.66
  2. कन्नौज का प्रतिहार वंश, p.69