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Dantusliya

From Jatland Wiki
(Redirected from Dattusalia)

Dantuslia (दंतुसलिया), Dantusliya (दंतुसलिया), Dantusalia (दंतुसालिया), Dantusaliya (दंतुसालिया), Dattusalia (दत्तुसलिया), Dattushala (दत्तुशाला), Dattushla (दत्तुशला), Dattusula (दत्तुसुला), Dattasulia (दात्तासुलिया), Datusalia (दतुसलिया), Datusaliya (दतुसालिया), Datushla (दतुश्ला), Datusula (दतुसुला) Gotra Jats live in Haryana and Rajasthan

History

Dantujala Village was founded by Dantusalia JAT clan people.

Villages founded by Dantusliya clan

Distribution in Haryana

Dattusalia JATS are found in Bhiwani, Rohtak, Sonipat, Jhajjar, Jind, Hisar, Charkhi Dadri.

Villages in Bhiwani district

Mansarwas (प्रधान गाँव)

Villages in Rohtak district

Villages in Hisar district

Villages in Charkhi Dadri district

Villages in Sonipat district

Villages in Jhajjar district

Villages in Jind district

Distribution in Rajasthan

Villages in Ajmer district

Villages in Churu district

Lalgarh, Thalori,

Villages in Chittorgarh district

Dindoli,

Villages in Jhunjhunu district

Dattusalia JATS lives in :

Bas Bhinwsariya, Doodana Ka Bass, Doomra, Kaseru, Nahar Singhani,

Villages in Nagaur district

Deh, Manglod, Merwas, Piriyara,

Villages in Sri Ganganagar district

Raghunathpura,

Villages in Sikar district

Antroli, Beri, Dantujala, Datusalia ki Dhani, Tihawali,

Villages in Jaipur district

Dhana Ka Bass, Himmatpura, Kishanpura, Sirsali,

Gallery

Notable Persons

  • Chaudhary Dhannaram Datusalia Jaat - चौधरी धन्नाराम दत्तुशला जाट एक बहुत ही दबंग व महान दानी व्यक्ति थे। चौधरी साहब और इनका परिवार राजा-महाराजाओं की जिंदगी जीते थे। इन्होंने मनसरबास गाँव जिला भिवानी की भी स्थापना की थी । ये जाट जाति के जानेमाने प्रमुख व्यक्ति व बहुत ही बड़े जमींदार थे । इनके पास 5000 एकड़ + से ज्यादा जमीन थी, जिसमें से आधी से ज्यादा जमीन इन्होंने गरीब जाटों को दान में दे दी थी । ये अपने एरिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे साथ ही साथ वे सबसे बड़े जमींदार भी थे । उनके नाम का हरियाणा में सिक्का चलता था। जो व्यक्ति उनके पास मदद के लिए आता था चौधरी साहब उसे खाली हाथ नहीं जाने देते थे। वे इंसाफ के देवता थे, जो भी व्यक्ति उनके पास इंसाफ मांगने आता था चौधरी साहब उसका इंसाफ करके ही उसे वापिस भेजते थे। उनका हरियाणा में काफी दबदबा था । दूर दूर के व्यक्ति भी उनके पास सहायता व सलाह लेने आया करते थे । उन्होंने गरीब जाटों की भलाई के लिए एक झटके में अपनी आधी से ज्यादा जमीन दान में दे दी थी । उनका दिल बहुत बड़ा था । उनका इतना दबदबा और रुतबा था कि उनके सामने खड़े होने की किसी की हिम्मत नहीं होती थी। उनके पास इतनी बड़ी विरासत थी पर फिर भी उन्हें कोई घमंड नहीं था। उन्होंने जाटों का एक अलग ही गौरव स्थापित किया था । चौधरी धन्नाराम दत्तुशला के बेटे चौधरी बालाराम दत्तुशला ने भी अपने पिता की तरह खूब इज़्ज़त और नाम कमाया। वो इतने महान व्यक्ति थे कि आज भी लोग उनका नाम बड़ी इज़्ज़त के साथ लेते हैं। दत्तुशला एक रॉयल जाट गोत्र है जिसका समस्त हरियाणा और राजस्थान में खूब दबदबा है।चौधरी धन्नाराम दत्तुशला केवल एक व्यक्ति नहीं थे, वे अपने समय की चलती-फिरती सत्ता थे। दत्तुशला जाटों के इस महान पुरुष ने केवल ज़मीन नहीं संभाली, बल्कि इज़्ज़त, हुकूमत और न्याय—तीनों को एक साथ साधे रखा। मनसरबास क्षेत्र में उनका नाम क़ानून से पहले और तलवार से ऊपर लिया जाता था। उनकी पहचान एक ऐसे चौधरी की थी, जिसकी आवाज़ गाँव की पंचायत का फ़ैसला बन जाती थी। दुश्मन उनका सामना करने से पहले सौ बार सोचता था और अपना आदमी उनकी छाया में खुद को सुरक्षित महसूस करता था। उनका रौब ऐसा था कि बिना हथियार भी वे हथियारों से ज़्यादा प्रभावशाली थे। दत्तुशला खाप के उत्थान में चौधरी धन्नाराम का योगदान ऐतिहासिक रहा। वे न केवल खाप के संरक्षक थे, बल्कि उसके रणनीतिक स्तंभ थे। खेत-खलिहान, पशुधन, रास्ते और सीमाएँ—सब उनकी निगरानी में सुरक्षित थीं। अन्याय के सामने वे लौह दीवार बनकर खड़े होते थे और ज़रूरत पड़ने पर तूफ़ान बन जाते थे।

आज भी दत्तुशला जाट जब अपना सिर ऊँचा कर खड़ा होता है, तो उसके पीछे चौधरी धन्नाराम की विरासत खड़ी दिखाई देती है— एक ऐसी विरासत जो कहती है: “ज़मीन से जुड़ो, अन्याय से लड़ो और नाम ऐसा छोड़ो कि समय भी उसे झुका कर पढ़े।”

External Links

References


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