Bhuma Bada

Bhuma Bada (भूमा बड़ा) is a village in Laxmangarh tehsil in Sikar district in Rajasthan.
Location
Geographical location is: Latitude 27.78 Longitude 74.93 and altitude 354 metre. Nearby village in south Alakhpura Bogan.
Jat Gotras
Population
As per Census-2011 statistics, Bhuma Bara village has the total population of 2068 (of which 1026 are males while 1042 are females).[1]
History
बठोठ ठिकाना और भूमा के ढाका जाट
मनसुख रणवा[2] ने लिखा है कि लोठू जाट की जन्म भूमि बठोठ - पाटोदा ठिकाने की अनोखी दास्तां है. ठाकुर शिव सिंह (r.1721-1748) के लघु पुत्र कीर्ति सिंह कासली के युद्ध में मारे गए. उनके पुत्र पदम सिंह को बठोठ - पाटोदा की जागीर मिली. लेकिन ऐतिहासिक तथ्य बदलते हैं कि शिव सिंह की पुत्रवधू को ससुराल से निकाल दिया गया था. पुत्रवधू का पीहर चूरू था. पुत्रवधू रवाना होकर भूमा गाँव (लक्ष्मणगढ़ तहसील) में पहुंची तो ढाका गोत्र के जाट ने उसे रोक लिया. उस जाट ने सारा वृत्तांत सुना. शिव सिंह की पुत्रवधू के खाने-पीने व रहने की ढाका जाट ने व्यवस्था की. जाट का परम धर्म होता है कि घर आए मेहमान को ठहरा कर उसके कष्टों का निराकरण करें. चौधरी को सीकर राज दरबार से न्याय की अपेक्षा नहीं थी. चौधरी जयपुर के राज दरबार में न्याय की गुहार लेकर पहुंचा. दोपहर को जयपुर राजा की सवारी निकलने वाली थी. ढाका गोत्र का जाट जलती मशाल लेकर रास्ते में खड़ा हो गया. महाराजा का ध्यान मशाल की तरफ गया. राजा ने घोड़ों को रुकवा लिया. महाराजा ने आश्चर्य से मशाल दिन में जलाने का कारण पूछा तो जाट ने तुरंत उत्तर दिया - "महाराज आपके राज में दिन में ही अंधेरा है. अतः मैं मशाल जलाई है." महाराजा ने जाट से कारण जानना चाहा. जाट बोला महाराज सीकर राजा ने पुत्रवधू को घर से निकाल दी है. 6 महीने से मैं खाने व रहने का प्रबंध कर रहा हूं. अतः उसके रहने का प्रबंध करवायें.
जयपुर महाराजा ने सीकर राज्य में तत्काल एक दूत भेजा. सीकर के राजा शिव सिंह ने जयपुर राजा की अनुपालना में पुत्रवधू को बठोठ-पाटोदा, घाणा, चूड़ोली, रूल्याणी व आधा भाग सरवड़ी का दे दिया. बेटे की पत्नी से पैदा हुई संतानों ने बठोठ पर राज किया.
गांवों में सीकर ठिकाने द्वारा तबाही के दृश्य
ठाकुर देशराज[3] ने लिखा है ....गांवों में सीकर ठिकाने द्वारा अन्यायों का तांता बन गया और गांवों में जाटों को पीटा जाने लगा।
भूमा गांव से औरतों का जेवर तक उतरवालिया और गांव से लगान के अलावा भारी जुर्माना वसूल किया गया।
शेखावाटी किसान आन्दोलन के दौरान सन 1935 में अंग्रेज अफसर केप्टन वेब और जागीरदारों द्वारा अन्यायों का ताँता बंध गया था. भूमा गाँव से औरतों के जेवर तक उतरवा लिये और गाँव से लगान के अलावा भारी जुर्माना वसूल किया गया. रोरू गाँव से 200 रुपये जुर्माना का वसूल किया गया. वहां मास्टर को भी पकड़ कर पीटा. कटराथल गाँव की स्कूल को नष्ट कर दिया गया तथा वहां से एक-दो जाटों का लगान बनिए व ब्राह्मणों से लिया गया.
Notable persons

- Nopa Ram Khichar (Subedar) (24.06.1951 - 12.02.1991) became martyr of militancy in Amritsar Punjab on 12.02.1991. He was from village Bhuma Bara, tahsil Laxmangarh, district Sikar, Rajasthan. He was awarded Kirti Chakra for his act of bravery.
- Unit - 18 Jat Regiment
- Dr. J. M. Dhaka - Associate Professor Raj. Agri. University, Bikaner, Date of Birth : 0--1957, V.P.O.- Bhooma Bara, via- Laxmangarh, distt.- Sikar,Present Address : 115, Arjun Nagar, Durgapura Jaipur, Phone: 0141-2723207, Mob: 9351994388
- J. M. Bhukar - Dy.Dir. (Procurement) Hotel LE Meridien, Date of Birth : 10-September-1954, VPO.- Bhuma Bara, Teh.- Lachhmangarh, Distt.- Sikar, Rajasthan, Present Address : JG-13,Flat No.4,SFS Flats,Pashchim Vihar, New Delhi, Phone:011-25257670, Mob: 9873567011, Email: jbhukar@lemeridien-newdelhi.com
External links
- Information about Bhuma Bara village - villageinfo.in website
- Geo Location of Bhuma Bara
- Google link for Bhuma
- Delimitation Commission Report
References
- ↑ http://www.census2011.co.in/data/village/81373-bhuma-bara-rajasthan.html
- ↑ Mansukh Ranwa (2001): Amar Shaheed Lothoo Jat, J. C. Ranwa Prakashan, Jyoti Nagar, Piprali Road, Sikar. p.15-16
- ↑ Thakur Deshraj: Jat Jan Sewak, 1949, p.282
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