Bhagwan Singh Khichar
| Author:Laxman Burdak, IFS (R) |

Bhagwan Singh Khichar (चौधरी भगवानसिंह खीचड़) , from village Khichar Ka Bas, Devipura, Sikar, Rajasthan) was a leading Freedom Fighter who took part in Shekhawati farmers movement in Rajasthan. [1]
जीवन परिचय
जाट जन सेवक
ठाकुर देशराज[2] ने लिखा है ....चौधरी भगवान सिंह जी - [पृ.319]: सीकर के पास ही देवीपुरा एक गांव है। सीकर के राजा साहब के तफरीह के भवन भी देवीपुरा में ही हैं। यहीं के खीचड़ गोत्र के जाट सरदार चौधरी डूंगाराम जी के सुपुत्र चौधरी भगवानसिंह जी हैं। आप सीकर महायज्ञ के समय से जाट कौम का काम कर रहे हैं।
कुछ लोग ऐसे होते हैं जो नाम के लिए काम करते हैं और कुछ लोग ऐसे होते हैं जो परोपकार के कामों को अपना कर्तव्य समझते हैं। चौधरी भगवान सिंह जी अपना कर्तव्य समझकर ही कौम का काम करने वाले आदमियों में से हैं। आप पांच भाई हैं और चार आपकी संतान हैं। दिलीपसिंह, मूलचन्द्र पढ़ते हैं, बलबीर, भारतवीर छोटे हैं। लड़की शांति देवी है। (नोट: यह विवरण सन् 1949 का है. वर्त्तमान स्थिति के लिए नीचे वंश वृक्ष देखें)
गोकुलपुरा (खीचड़ का बास) (सीकर) के खीचड़ों का वंश वृक्ष
चौधरी दानवीर जी खीचड और सोहनलाल जी खीचड़ (मो:08432286167) ने बताया कि खीचड़ के 12 गाँव नवलगढ़ के पास हैं. जगमालपुरा गाँव में खीचड़ों का पुराना मंदिर है. जगमालपुरा गाँव और चैनपुरा दादिया में पुराना शिव मंदिर है. शुरू में सिधमुख से चलकर खीचड़ आये और सीकर के पास गोकुलपुरा में बसे. चौधरी डालूराम खीचड़ ने गोकुलपुरा से आकर देवीपुरा बसाया.
चौधरी डालूराम के पुत्र लालाराम देवीपुरा के चौधरी थे. जिनके 6 बेटे थे : 1. बक्साराम, 2.नाराराम, 3. दौलाराम, 4.देवाराम, 5. सीताराम और 6.…
2. नाराराम खीचड़ का बास में बसे. उनके 3 पुत्र थे: 1. नौलाराम 2. किसनाराम और 3. कुशलाराम
- 1.नौलाराम के पुत्र का नाम बुधा था. बुधा के 3 पुत्र हुए:
- 1. लखूराम 2. खेताराम 3. हणमानराम
- लखूराम के 3 पुत्र हुए: 1.गोपीराम 2. चन्द्राराम 3. बिरदाराम
- खेताराम के 4 पुत्र थे: 1. सुखदेव 2. दूदाराम 3. हीराराम और 4. लक्ष्मणराम
- हणमानराम के 5 पुत्र हुए : 1. भगीरथ 2. जीवणराम 3. शंकर 4. रणमल और 5. किशोर
- 1. लखूराम 2. खेताराम 3. हणमानराम
- 2. किसनाराम के 3 पुत्र हुए: 1. भैरूराम 2. डूंगाराम और 3. कुशलाराम
- 1.भैरूराम के 4 पुत्र हुए: 1. लखुराम 2. साराराम 3. मंगलाराम और 4. सुआराम
- लखुराम के पुत्र रामदेव हुए
- साराराम के पुत्र कानादेव हुए
- मंगलाराम के पुत्र मूलचंद हुए
- सुआराम के पुत्र लक्ष्मण हुए
- 2.डूंगाराम के 5 पुत्र हुए: 1.रेखाराम 2. रामप्रताप 3. भगवानाराम 4. भगीरथ और 5. मनसाराम
- रेखाराम के पुत्र हुए: दानवीर जी
- रामप्रताप के 4 पुत्र हुए: 1.हेमराज 2. तुलछीराम 3. हर चंद और 4. हरफूल
- भगवानाराम के 6 पुत्र हुए: 1.दलीप 2. महावीर 3. बलबीर 4. भरतवीर 5. वासुदेव और 6. अश्विनी
- भगीरथ के 2 पुत्र हुए: 1. मोहन और 2. बजरंग
- मनसाराम के 3 पुत्र हुए: 1. लक्ष्मण 2. सोहन लाल और 3. रामकुमार
- 1.भैरूराम के 4 पुत्र हुए: 1. लखुराम 2. साराराम 3. मंगलाराम और 4. सुआराम
- 3.कुशलाराम के 2 पुत्र हुए: 1. गुमाना राम और 2. गोपीराम
- गुमानाराम के 1 पुत्र हुए: 1. नारायण
- गोपीराम के 3 पुत्र हुए: 1. भूराराम 2. हीराराम और 3. रामेश्वर
- 3.कुशलाराम के 2 पुत्र हुए: 1. गुमाना राम और 2. गोपीराम
3. दौलाराम भी खीचड़ का बास में बसे. उनके 3 पुत्र थे: 1.लच्छाराम 2. जालूराम और 3. मानाराम
- 1. लच्छाराम के पुत्र हुए पन्नाराम. पन्नाराम के 2 पुत्र हुए 1. नरसाराम और 2. भूराराम
- नरसाराम के पुत्र हुए मालाराम जिनके 2 पुत्र हुए 1. नाथू और 2. मंगेज
- 2. जालूराम के 2 पुत्र हुए: 1. भूराराम और 2. नरसाराम
- भूराराम के 1 पुत्र हुए: 1. घीसाराम
- घीसाराम के 6 पुत्र हुए: 1.मोहनराम 2. मूलचंद 3. बलबीर 4. पहलाद 5. हरचंद और 6. भगवानराम
- नरसाराम के 4 पुत्र हुए: 1. हुकमाराम 2. बोदूराम 3. लालूराम और 4. हणताराम
- भूराराम के 1 पुत्र हुए: 1. घीसाराम
- 3. मानाराम के 2 पुत्र हुए: 1.भींवाराम 2. गोविंदराम
- भींवाराम के 3 पुत्र हुए: 1. किसनाराम 2. गोदूराम और 3. बोदूराम
- गोविंदराम के 2 पुत्र हुए: 1. देवाराम और 2. आशाराम
- देवाराम के 4 पुत्र हुए: 1.महावीर 2. रिछपाल 3. बनवारी और 4. शीशराम
- आशाराम के 5 पुत्र हुए: 1.हेमचंद 2. मेवाराम 3. नानूराम 4. हीराराम और 5. गिरधारीराम
External links
References
- ↑ Thakur Deshraj:Jat Jan Sewak, 1949, p.319
- ↑ Thakur Deshraj:Jat Jan Sewak, 1949, p.319
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