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Bansa

From Jatland Wiki
Location of Bansa in Nagaur district

Bansa (बांसा) is a large village in Didwana tehsil of Nagaur district in Rajasthan.

Jat gotras


History

कायमखानी इतिहास

रतन लाल मिश्र[1] ने लिखा है: [पृ.117]: कायमखां का तीसरा पुत्र मौनखां (मोहनखां) वाकयात के अनुसार फतेहाबाद का हाकिम था. वह राजपूताने में नहीं आया. रासो उसके बगड़ में आने की बात कहता है. उसके पुत्र एलमखां ने बड़वासी (झुंझुनू से 30 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम) में अपनी राजधानी स्थापित की. संभव है उसे यह जागीर समसखां ने दी हो. दूसरा पुत्र वाहिदखां था. इस जागीर में 80 मौजे थे. एलम खां की संतान एलमाण और वाहिदखां की मोहनखानी कहलाई. उसके बाद उसका पुत्र महम्मूदखां इस भूभाग का मालिक हुआ. उसके बाद क्रमश: दरियाखां, मुजाहिदखां, अलफ खां, और निजामखां बड़वासी के नवाब हुए. निजामखां के 6 पुत्र थे उनके नाम अमानुल्लाखां, मदारीखां, राहतखां, नथ्थूखां, सैदुल्लाखां और आमदखां थे. अमानुल्लाखां के शेखावतों के हाथ मरने के बाद यह परिवार फर्रूखनगर (हरियाणा) के बिलोच उमराव के पास चला गया.

कायमखानी शेखावाटी के आसपास के स्थानों पर भी काबिज थे. जैनुद्दीन कायमखां के साथ मुसलमान हो गया था. कहते हैं कि उसकी हुकूमत नारनौल पर रही. इसका पुत्र नसीरुद्दीनखां डीडवाना के पास आ गया. उसके बेटे अलाउद्दीन ने बेरी (डीडवाना से पूर्व में 23 किलोमीटर) में राजधानी स्थापित की और वाक्यात के अनुसार इसने 1494 ईस्वी में यहां एक गढ़ बनाया. विक्रम 1556 तक इसने हुकूमत की. इसके दो पुत्र थे जिनके नाम आसल जी और तोगा जी थे. बड़ा आसाल जी गद्दी पर बैठा. उसने 1528 ई. (1585 विक्रम) में बेरी के पास एक तालाब बनवाया. यह किसी लड़ाई में मारा गया. इसके बाद क्रमशः तोगा जी, अब्दुल खैर, मुल्क फरीद और हबीखां नवाब हुए. इसने अपनी राजधानी बांसा (डीडवाना से दक्षिण पूर्व 9 किलोमीटर) में परिवर्तित कर ली. इसके बाद हयात खान का पुत्र आमिर खान नवाब बना. यह 1785 विक्रम में कुचामन के मेड़तिया ठाकुर जालम सिंह से लड़कर मारा गया. जालम सिंह सालावास की लड़ाई में बख्त सिंह की ओर से लड़ते हुए अपने दो पुत्रों के साथ विक्रम 1808 (ई 1751) में मारा गया था. इस प्रकार झाड़ोद पट्टी के ये गांव कायमखानियों के हाथ से निकल गए थे. जैनुद्दीन की संतान जेनदान कहलाती है. [2] इस वंश में ही मिल्कान, फारान, गौरान, गोदान चामनान, मतावान वगैरा हैं, झाड़ौद की पट्टी में 57 गांव थे जो आगे चलकर जोधपुर के अधीन हो गए.

Population

According to Census-2011 information:

With total 555 families residing, Bansa village has the population of 2759 (of which 1404 are males while 1355 are females).[3]

Monuments

Notable persons

External Links

References

  1. रतन लाल मिश्र:शेखावाटी का नवीन इतिहास, मंडावा, 1998, पृ.117
  2. 49
  3. Web-page of Bansa village at Census-2011 website

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