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ऐली पैली सखरिया री पाल

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ऐली पैली सखरिया री पाल

पालां रे तंबू तांणिया रे।

जाये वनी रे बापाजी ने कैजो, के हस्ती तो सामां मेल जो जी।

नहीं म्हारां देसलड़ा में रीत, भंवर पाला आवणों जी।

जाय बनी रा काकाजी ने कैजो

घुड़ला तो सांमां भेजजो जी

नहीं म्हारे देशां में रीत, भेवर पाला चालणों जी

जाय बनीरा माता जी ने कैजो

सांमेला सामां मेल जो जी

नहीं म्हारे देशलड़ां में रीत

भंवर पाला आवणों री।


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