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Sant Ram Deswal

From Jatland Wiki
(Redirected from Dr. Santram Deswal)

Dr. Sant Ram Deswal is an educator, writer, editor, orator, journalist and social worker, primarily known for his contributions to Hindi literature and Haryanvi folk literature. He is from Kherka Gujjar village in Badli tahsil of Jhajjar district of Haryana. In 2025, he was conferred the Padma Shri, India's fourth-highest civilian award, for his work in literature and education.


डॉ. संतराम देशवाल 'सौम्य' शिक्षाविद्, हिंदी साहित्यकार, हरियाणवी लोक साहित्य एवं संस्कृति के विद्वान, लेखक, संपादक, सुवक्ता, स्वतंत्र पत्रकार एवं समाज सुधारक, साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री - 2025 से सम्मानित।

व्यक्तिगत विवरण

  • पूरा नाम: डॉ. संतराम देशवाल 'सौम्य'
  • पिता का नाम: श्री सदाराम देशवाल
  • जन्म तिथि: 24 अप्रैल 1955
  • जन्म स्थान: गांव खेड़का गुर्जर, जिला झज्जर, हरियाणा, भारत
  • वर्तमान पता: मकान संख्या 116, सेक्टर-15, सोनीपत - 131001, हरियाणा
  • मोबाइल नंबर: +91-9812296226
  • ईमेल: profsantramdeswal@gmail.com

ये श्रीमती (डॉ) राजकला देशवाल (Dr. Rajkala Deswal) के जीवन साथी हैं, जो हिन्दी की सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर और हिन्दी साहित्य एवं हरियाणवी लोकसाहित्य की प्रतिष्ठित लेखिका हैं।

शैक्षणिक योग्यता

  • पी.एच.डी. (हिंदी)
  • एम.फिल. (हिंदी)
  • एम.ए. (हिंदी)
  • एम.ए. (अंग्रेज़ी)
  • एल.एल.बी. (कानून स्नातक)
  • पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा
  • अंग्रेज़ी-हिंदी अनुवाद में स्नातकोत्तर डिप्लोमा
  • फ्रेंच भाषा का प्रमाणपत्र कोर्स

(सभी योग्यताएं उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के साथ प्राप्त)

व्यावसायिक अनुभव

शिक्षण कार्य

  • 28 वर्षों तक एसोसिएट प्रोफेसर (हिंदी) के रूप में सी.आर.ए. कॉलेज, सोनीपत (सेवानिवृत्त)

वर्तमान गतिविधियाँ

  • हिंदी में डी.लिट. हेतु शोधरत (आगरा विश्वविद्यालय)
  • हिंदी विशेषज्ञ और सलाहकार (सरकारी और निजी संस्थानों में)
  • पूर्णकालिक लेखक/ साहित्यकार
  • ज़रूरतमंदों को जिला अदालत, सोनीपत में निःशुल्क कानूनी सेवा
  • शैक्षिक सलाहकार एवं प्रेरक
  • साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का संचालन
  • "जगत महान" पत्रिका के उपसंपादक

शोध निर्देशन

  • 14 एम.फिल. शोधार्थियों का निर्देशन
  • 4 पीएच.डी. शोधार्थियों का निर्देशन

प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें

अब तक विभिन्न श्रेणियों में 2 दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं:

ललित निबंध

  • संस्कृति की खोज
  • हंसा, बोलिए मेरे राम
  • इक्कीसवीं सदी के ललित निबंध
  • संस्कृति दर्पण
  • लोक पथ
  • संस्कृति: स्वरूप एवं भूमंडलीकरण
  • आंगन में मोर नाचा, किसने देखा
  • लोक आलोक

हरियाणा का लोकसाहित्य और संस्कृति

  • हरियाणा की संस्कृति एवं कला
  • हरियाणा के लोक साहित्य में कड़का विधा
  • हरियाणा का लोक साहित्य:अस्पुट विधाएँ
  • जनकवि फौजी मेहर सिंह ग्रंथावली
  • हरियाणा की संस्कृति के प्रतिमान

भारतीय संस्कृति

  • भारतीय संस्कृति की अवधारणा

हिंदी काव्य

  • ज़िंदगी और बता
  • प्रेम न हाट बिकाय
  • पट कथा बदलती रहती है
  • मंज़िल की ओर

हरियाणवी काव्य

  • कंक्रीट के जंगल में
  • अनकहे दर्द

जीवनी

  • दीनबंधु छोटूराम की जीवनी

संस्मरण

  • स्मृतियों के सोपान

यात्रा-वृत्तांत

  • सफर जारी है

समीक्षा ग्रंथ

  • हिंदी ललित निबंध: स्वरूप एवं मूल्यांकन

अनुवाद

  • अच्छया भोजन (हिंदी से हरियाणवी)
  • हड्डी टूटन पै (हिंदी से हरियाणवी)

पुरस्कार एवं सम्मान

राष्ट्रीय सम्मान

  • पद्म श्री – 2025, भारत सरकार द्वारा साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में

साहित्यिक सम्मान

  • महाकवि सूरदास आजीवन साहित्य साधना सम्मान (हरियाणा साहित्य अकादमी, 2018)
  • जनकवि मेहर सिंह सम्मान (हरियाणा साहित्य अकादमी, 2014)
  • ‘लोक आलोक’ (2005) और ‘अनकहे दर्द’ (2010) को श्रेष्ठ पुस्तक पुरस्कार
  • साहित्य अकादमी, दिल्ली द्वारा लोक साहित्य अनुवाद प्रोत्साहन पुरस्कार
  • लोक साहित्य शिरोमणि सम्मान, बालमुकुंद गुप्त साहित्य सम्मान
  • पंचवटी सम्मान, काव्य कलश सम्मान, सोनीपत रत्न सम्मान इत्यादि

शैक्षणिक सम्मान

  • श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार

पत्रकारिता सम्मान

  • हरियाणा का श्रेष्ठ पत्रकार पुरस्कार

समाज सेवा सम्मान

  • एम.डी.यू. रोहतक द्वारा दो बार सर्वश्रेष्ठ एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी पुरस्कार
  • एम.डी.यू. द्वारा रजत जयंती एनएसएस अधिकारी सम्मान
  • भारत सरकार, हरियाणा के राज्यपाल एवं उच्चतर शिक्षा विभाग से प्रशंसा पत्र

विद्यार्थी जीवन में

  • अनेक निबंध लेखन, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं में पुरस्कार विजेता

पत्रकारिता अनुभव

नियमित स्तंभकार (पूर्व)

  • दैनिक ट्रिब्यून – ‘नव साक्षरों का कोना’, ‘सागर में गागर’
  • जनसत्ता – ‘लोक धारा’, ‘मुद्दे की बात’
  • नवभारत टाइम्स – ‘विविधा’, ‘म्हारा हरियाणा’
  • दैनिक हरिभूमि – ‘संस्कृति दर्पण’, ‘समाज दर्शन’
  • सैकड़ों लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित

साहित्यिक जन भागीदारी

  • शासकीय विभागों, निगमों, बैंकों एवं शिक्षण संस्थानों में अनेक विस्तारण व्‍याख्‍यान
  • आकाशवाणी से 100+ वार्ताएं
  • दूरदर्शन पर कार्यक्रम

शोध कार्य

  • 20 राष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोधपत्र प्रस्तुत
  • 10 शोधपत्र प्रकाशित

स्व-लेखन पर शोध

  • विभिन्न विश्वविद्यालयों में छह शोध कार्य संपन्न
  • एक पुस्तक प्रकाशित – ‘डॉ. संतराम देशवाल के ललित लोक निबंध’

संपादन कार्य

  • चार वर्षों तक ‘आर्य प्रदीपिका’ (कॉलेज पत्रिका) के मुख्य संपादक
  • हरियाणा साहित्य अकादमी की मासिक पत्रिका ‘हरिगंधा’ के संत साहित्य विशेषांक एवं निबंध विशेषांक के अतिथि संपादक
  • एम.डी.यू. रोहतक की ‘संप्रेषिका’ पत्रिका के छात्र संपादक
  • राजकीय नेहरू कॉलेज की ‘युगवाहक’ पत्रिका के हिंदी एवं संस्कृत अनुभाग के छात्र संपादक

शैक्षणिक नेतृत्व

  • एम.डी.यू. रोहतक के तीन युवा नेतृत्व शिविरों के संयोजक
  • 20 वर्षों तक युवा उत्सवों, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों के संयोजक
  • परीक्षा नियंत्रक (3 वर्ष), पुस्तकालय प्रभारी (2 वर्ष)
  • करियर गाइडेंस ब्यूरो के प्रभारी (2 वर्ष)
  • 50+ युवा उत्सवों एवं प्रतियोगिताओं में निर्णायक

समाज सेवा मे नेतृत्व

  • एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी (8 वर्ष), प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी (5 वर्ष)
  • अनेक एनएसएस शिविरों का आयोजन
  • कई सामाजिक सुधार व जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित

मिशन

  • भारत की ज्ञान परंपराओं का संरक्षण व संवर्धन
  • रचनात्मक लेखन के माध्यम से नव ज्ञान का सृजन
  • हिंदी भाषा और साहित्य का प्रचार-प्रसार
  • हरियाणा की लोक संस्कृति, साहित्य और भाषा का संरक्षण व संवर्धन
  • प्राचीन भारतीय साहित्य और संस्कृतियों पर शोध
  • शैक्षणिक और सामाजिक सुधार
  • स्वतंत्र पत्रकारिता
  • युवाओं का मार्गदर्शन

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पहले जाट रत्न साहित्यकार - हरियाणा के झज्जर जिला के गांव खेड़का-दुल्हेड़ा के देशवाल गौत्रीय एक साधारण जाट किसान परिवार में चौधरी सदाराम देशवाल और श्रीमती दड़का देवी के घर पैदा हुए बालक सन्तराम ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और पूर्वजों के शुभाशीष से डा.सन्तराम देशवाल बनकर, न केवल उच्चतम शिक्षा ग्रहण करके प्रोफेसर का पद प्राप्त किया बल्कि, साहित्य के क्षेत्र में 26 पुस्तकें लिखकर हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी का पांच लाख रुपए का सर्वोच्च सूर साहित्य-साधना सम्मान प्राप्त करके जाट कौम का मान-सम्मान बढ़ाया है। यही नहीं, इन्हें हरियाणा साहित्य अकादमी के दो लाख रुपए के जनकवि फ़ौजी जाट मेहरसिंह सम्मान से भी नवाजा गया है तथा इनकी दो पुस्तकों को इकत्तीस-इकत्तीस हजार रुपए के पुस्तक पुरस्कार देकर इन पुस्तकों को श्रेष्ठ कृति घोषित किया जा चुका है। जाट सूचना मंच के माध्यम से ऐसे जाट-रत्न को सार्वजनिक तौर से सम्मानित करके आशीर्वाद दिया जाना चाहिए ताकि जाट युवाओं को प्रेरणा मिल सके। ज्ञातव्य है कि पहली बार किसी जाट साहित्यकार को इतने बड़े पुरस्कार मिले हैं और डा.देशवाल यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले जाट रत्न हैं। जाट कौम का गौरव हैं डा.सन्तराम देशवाल।

(Message posted at a Group Chat on 20 January 2024)

Padma Shri Award

On 26 January 2025, it was announced vide a Rashtrapati Bhawan communique that Dr. Santram Deswal has been selected to be honored with Padma Shri Award, by Govt. of India, in the field of Literature and Education.

अपना संदेश एवं आभार

मित्रो! बेहद हर्ष का विषय है कि भारत सरकार ने मुझे 'साहित्य एवं शिक्षा' के श्रेत्र में 'पद्मश्री पुरस्कार-2025' से सम्मानित करने की घोषणा की है। कभी सोचा नहीं था कि मुझ नाचीज़ को 'पद्मश्री पुरस्कार' से नवाजा जाएगा, जो कि देश का एक उत्कृष्ट सम्मान है।

मैं समझता हूं कि यह सम्मान हमारे पूर्वजों एवं गुरुजनों के आशीर्वाद और आप सभी मित्रों, प्रियजनों, परिजनों एवं शुभचिंतकों की दुआओं तथा मंगलकामनाओं का प्रतिफल है। बहरहाल, मैं भारत सरकार और विशेषतः प्रधानमंत्री जी तथा इस पुरस्कार से संबद्ध सभी जनों का हृदयतल से आभारी हूं कि मेरे जैसे नाचीज़ को देश का सर्वोच्च सम्मान देकर मेरी ज़र्रा-नवाजी की है।

मैं हरयाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का भी दिल की गहराइयों से आभार प्रकट करता हूं कि उन्होंने निजी रुचि लेकर सभी हरियाणा वासियों की तरफ से इस सम्मान के लिए खास पोस्ट डालकर मुझे बधाई एवं मंगलकामनाएं प्रेषित की।

-डा. सन्तराम देशवाल, सोनीपत
26 जनवरी 2025

आप की दुआओं एवं शुभेच्छाओं से 27 मई,2025 को सायं 6 बजे राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में महामहिम राष्ट्रपति महोदया, श्रीमती द्रोपदी मुर्मू जी के हाथों साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में मुझ नाचीज़ को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ !

विनीत - डॉ सन्तराम देशवाल 29 May 2025

पद्म श्री पुरस्कार ग्रहण समारोह के चित्र, इत्यादि


Photo Gallery

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External Links

References