Chhapoli

Chhapoli (छापोली) is a large village in Udaipurwati tahsil of Jhunjhunu district in Rajasthan.
Founders
Jat Gotras
Population
As per Census-2011 statistics, Chhapoli village has the total population of 9955 (of which 5022 are males while 4933 are females)[1]
History
Shujaun Sing was the chieftain of Chhapoli, a descendant of Bhojraj the second son of Raisal. [2]
इतिहास
रतन लाल मिश्र[3] ने लिखा है ...[पृ.105]:फतेहखां (1436-1474) की मृत्यु के बाद उसका बड़ा पुत्र जलालखां (1474-1489) गद्दी पर बैठा. रासो में इसके गद्दी पर बैठने का समय सं. 1531 (1474 ई.) दिया हुआ है. जलालखां ने अपने पिता द्वारा बनाए हुऎ किले में कुछ और भवन बनाए. किले का दक्षिणाभिमुखद्वार भी उसी ने बनवाया था.[4] इस द्वार पर एक शिलालेख लगा हुआ था जिसे किले का आधा भाग खरीदने वाले लोगों ने कहीं उतार कर रख दिया था जो अभी मिल नहीं रहा है. इस लेख में इन निर्माण कार्यों का समय दिया गया है.
जलालखां भी पिता की तरह शूरवीर था. दिल्ली के बादशाह से अभी भी अनबन चल रही थी.[5] उधर नागौर के खान से भी सद्भाव नहीं था. नागौर के खान की ओर से मुगल चौपान ने फतेहपुर के दक्षिण में सीकर के पास कटराथल में डेरे किए. यहां दोनों सेनाओं की मुठभेड़ हुई. जलालखां के आगे मुगल भाग गया. उसका सारा सामान जलालखां के कब्जे में आ गया.
इसके बाद जलालखां ने छापोली (उदयपुरवाटी, झुंझुनू जिला) पर आक्रमण किया और भोमियों को मारा. आमेर के कुछ भाग पर भी उसका आक्रमण होना रासो से ज्ञात होता है. [6]
करणीराम के अनन्य सहयोगी
रामेश्वरसिंह[7] ने लेख किया है.... उस समय उदयपुरवाटी क्षेत्र में श्री करणीराम के नेतृत्व में कर्मठ कार्यकर्ताओं का दल बन गया। कई लोग आगे आये जिनमें लादूराम जाखल, सूरजमल, शंकर छाबसरी, चेतराम भोड़की, चुन्नीलाल, गंगाराम पोसाना, मंगलराम रघुनाथपुरा, सूरजाराम धमोरा, भोगूराम छापोली, ज्ञानाराम सराय, हुकमाराम हनुमानाराम टीटनवाड़, भागसिंह सोंथली, हनुमानराम गोधूराम चोकड़ी, मुखराम गुढ़ा इनमें प्रमुख हैं।
Notable persons
- Jeevraj Singh MLA Gudha - not sure of caste
External links
References
- ↑ http://www.census2011.co.in/data/village/71735-chhapoli-rajasthan.html
- ↑ James Tod: Annals and Antiquities of Rajasthan, Volume II, Annals of Amber, p.365
- ↑ रतन लाल मिश्र: शेखावाटी का नवीन इतिहास, मंडावा, 1998, पृ.105
- ↑ फखरू तवारीस - मोलवी मोहम्मद रमजान फारुखी पृ.4
- ↑ कायमखां रासो - दशरथ शर्मा 5-38 प1 449
- ↑ वही - पृ.38 पद्य 452 - 456
- ↑ Rameshwar Singh Meel:Shekhawati Ke Gandhi Amar Shahid Karni Ram/Janm, Shaishav Aur Shiksha,pp.77-78
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